लगते रहे भ्रष्टाचार के आरोप
राजनीतिक जीवन के दौरान जयललिता पर सरकारी पूंजी के गबन, गैर कानूनी ढंग से भूमि अधिग्रहण और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे. उन्हें ‘आय से अधिक संपत्ति’ के एक मामले में 27 सितंबर 2014 को सजा भी हुई और मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा, लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट ने 11 मई 2015 को बरी कर दिया जिसके बाद वह फिर से तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं.
वह साल 1991-96 में पहली बार, 2001 में दूसरी बार, 2002 में तीसरी बार, 2011 में चौथी बार और 2015 में पांचवीं और 2016 में छठी बार मुख्यमंत्री बनीं.
थलाइवी: एक्टर से नेता और फिर ‘अम्मा’ बनीं जयललिता की पूरी कहानी - Quint Hindi
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